पार्टी की विशेषता/जुड़ने से होने वाले लाभ/फायदे

यह पार्टी शिक्षा तकनीकी एवं अनुसंधान समिति के आधीन गठित की जा रही है। जिसके पास प्रकाशक, जर्नल, समाचार एजेंसी,एन0जी0ओ0 आदि मेंसे कोई भी सीधे लाभ लिया जा सकता है। लाभों की सूची वेबसाइट पर देखें। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी व संस्था के सहयोग से आपके बच्चों का जीवन शिक्षा बीमा जिसकी सहायता से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेको लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी में मात्र 1 रूपये सदस्यता शुल्क से सदस्यता पत्र जिसमें आपकी आई0डी0 नं0 रिफरेन्स नं0 देय तथा यदि पदाधिकारी हैं तो नियुक्ति पत्र, प्रधिकार प्रत्र, आई0डी0कार्ड0 पार्टी की ओर से देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी की ओर से पदाधिकारियों के लिए लेटरहेड, स्टाम्प मोहर, प्रत्येक जनपद, मण्डल, व प्रदेश की अधिकारिक ई-मेल आईडी व लागिन पासवर्ड पार्टी की ओर से देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी पदाधिकारयिों के लिए एस0एम0एस0 पोर्टल, वाईस कॉल पोर्टल, बर्थडे पोर्टल, वाहट्सअप मैसेज पोर्टल, आदि का एडमिन पैनल पार्टी की ओर से देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी की ओर से पदाधिकारियों को फेसबुक, इन्टाग्राम, ट्वीटर, लिक्डइन, यूट्यूब, पब्लिक न्यूज, आदि का अकाउंट बनाने व निवर्हन करने तथा आदि की टेªनिंग निःशुल्क देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

शासनिक व प्रशानिक पदाधिकारियों, मंत्रियों के भ्रष्टाचार को समाज हित में उजागर करने के लिए आर0टी0आई0 व जनहित याचिका का शुल्क तथा पार्टी की ओर से सलाहकार (अधिवक्ता) देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी के चन्दे से पार्टी की ओर से देय सामग्रियोंमें जैसे विचारधारा पम्पलेट, इस्टीकर, बैच, टोपी, झण्डा, मफलर, बैनर, आदि देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

लोकसभा अध्यक्ष, जिलाधिकारी अध्यक्ष, जिला पुलिस अध्यक्षक अध्यक्ष, आदि पदाधिकारियों को ज्ञापन देने के दौरान पार्टी ड्रेस पहनना अनिवार्य है, जोकि पार्टी की ओर से देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी की ओर से लोकसभी अध्यक्ष तथा उच्च पदाधिकारियों को जनसुवाई तथा पार्टी कार्यवाही हेतु स्पेशल पर्मानेन्ट बीएसएनएल फोन नं0 पार्टी की ओर से देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

प्रत्येक लोकसभा अध्यक्ष को आन्दोलानात्मक गतिविधियाँ करने-कराने के लिए पार्टी की ओर से निःशुल्क सलाहकार (अधिवक्ता) देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी की ओर से थर्ड जेण्डर, विकलांग जन के सदस्यता लेने पर पार्टी की ओर से 1 रूपया देय है तथा महिलाओं की सदस्यता निःशुल्क है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पदाधिकारियों को पार्टी की ओर से पार्टी संविधान, मेमोरेण्डम पत्रिका देय है तथा उच्च राजनीतिक के द्वारा राजनीतिक भाषण हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण देय है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी में 1000 हजार सक्रिय साथी जोड़ने पर शत-प्रतिशत पदोन्नति इस प्रकार राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनने का मौका परिवारवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद, आदि की समाप्ति। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

समस्त महिला पदाधिकारियों का पार्टी के ही अन्दर विपक्ष की भूमिका निभाने का मौका व अपने से नीचे मुख्य पार्टी में से किसी भी पदाधिकारी को कारण बताते हुए निस्कासित करने अधिकार सुरक्षित है। (अन्य पार्टियों में नहीं।)

पार्टी संविधान की झलक/पार्टी की विशेषताएं

भारत की पहली पार्टी जिसने जिलाध्यक्ष नहीं होगा। जबाकि जिलाध्यक्ष की जगह पर लोकसभा अध्यक्ष नियुक्त किया जायेगा।

पहली पार्टी जिसमें मुख्यपार्टी के अन्दर ही एक उप-महिला पार्टी होगी जोकि विपक्ष की भूमिका निभायेगी। जिनके पास अपने से नीचे पदाधिकारियों को कारण बताते हुए निष्काशित करने का अधिकार सुरक्षित होगा।

पहली पार्टी जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनने का मौका प्राप्त होगा जिससे परिवारवाद, जातिवाद व क्षेत्रवाद की समाप्ति होगी।

पहली पार्टी जिसमें संविधान को महत्व दिया गया, यदि कोई भी कार्यकर्ता लगातार दस वर्षो से सक्रिय है और उसने अपने बलबूते पर अनेको पार्टी के कार्यक्रम करवायें हैं और जिसकी रसीदें उसके पास सुरक्षित हो, यदि पार्टी के द्वारा उसे निष्कासित किया जाता है तो उसे भारत के किसी भी न्यायालय में जाने का अधिकार सुरक्षित हेागा।

पहली पार्टी जिसमें जिलाधिकारी की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए जिलाधिकारी अध्यक्ष इसी प्रकार जिला पुलिस अध्यक्षक की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए जिला पुलिस अध्यक्षक अध्यक्ष नियुक्त किया जायेगा, जोकि यू0पी0एस0सी0 की परीक्षा उत्तीर्ण किया होगा अन्यथा सेवानिवृत्त आई0एस/0पी0सी0एस0 अधिकारी होगा।

पहली पार्टी जिसमें प्रदेश स्तर पर प्रदेश के अनुसार जितने मंत्रालय होगें, प्रत्येक मंत्रालय पर निगरानी रखने के लिए मंत्रालय के नाम पर एक अध्यक्ष व उसकी टीम गठित की जायेगी। इसी प्रकार प्रत्येक जनपद में जितने भी शासनिक विभागीय अधिकारी होगे प्रत्येक अधिकारी पर निगरानी रखने के लिए एक अध्यक्ष व उसकी टीम होगी।

पहली पार्टी जिसमें किसी भी प्रकार का प्रकोष्ठ, मोर्चा या दल नहीं होगा जबकि आवश्यकता के अनुसार समितियों को गठन किया जा सकेगा।

पहली पार्टी जिसमें किसी भी विधायक, सांसद, मंत्री आदि की सदस्यता या जुड़ने का अधिकार नहीं होगा।

पहली पार्टी जिसमें परिवारवाद पर, धर्म पर, क्षेत्रवाद पर राजनीति करने वाले कार्यकर्ता की सदस्यता निरस्त करवा दी जायेगी।

पहली पार्टी जिसमें यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा किसी दूसरी पार्टी में विलेय होने का निर्णय लिया जा रहा है, तो पार्टी उच्च पदाधिकारियों में से 51 प्रतिशत लिखित रूप से समर्थन मिलना आवश्यक होगा।

पहली पार्टी जिसमें पार्टी इलेक्शन लड़ाने के दौरान किये गये वादे रिपोर्टकार्ड देने के साथ-साथ में राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा शपथ पत्र भी दिया जायेगा वादे पूरे न करने पर भारत का व पार्टी से जुड़ा नागरिक भारत के किसी भी न्यायालय में मुकदमा दायर करने के लिए जा सकेगा।

पहली पार्टी जिसमें पार्टी संस्थापक के द्वारा भविष्य में कभी भी जनता के द्वारा निर्वाचित चुनाव में भागीदारी पेश नहीं की जा सकेगी।

पहली पार्टी जिसमे प्रत्येक लोकसभा अध्यक्ष को क्षेत्रीय समास्या हेतु या पार्टी निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर विज्ञापन लगाना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार प्रत्येक विधानसभा अध्यक्ष को निकट क्षेत्रीय तहसील पर विज्ञापन देना अनिवार्य होगा।

पहली पार्टी जिसमें ‘‘जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी’’ के कथन का पूर्ण पालन किया जायेगा। इस प्रकार भारत में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं निवास करती हैं, इसलिए पार्टी में पदाधिकारी के तौर पर महिलाओं का 50 प्रतिशत वर्चस्व रहेगा।

पहली पार्टी जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने पर प्रत्येक उच्च पदाधिकारी को वोटिंग करने का अधिकार होगा। यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष पुरूष है तो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला होगी। दूसरे नं0 पर मत पाने वाला उम्मीदवार स्वत0 ही उपाध्यक्ष घोषित किया जायेगा।

पहली पार्टी यदि किसी भी राज्य में बहुमत प्राप्त होता है और पार्टी को सरकार बनाने का गौरव प्राप्त हेाता है, तो क्षेत्रफल तथा जन-संख्या के अनुसार मुख्यमंत्री के अतिरिक्त 5 उपमुख्यमंत्रियों की शपथ होगी। जिसमें से एक महिला, एक दलित, एक मुस्लिम, एक सिक्ख, एक विकलांगजन, एक थर्ड जेण्डर का पदभार होगा तथा प्रत्येक मंत्री को केवल एक ही मंत्रालय का पदभार दिया जायेगा।

बहुआयामी राजनीतिक (बी0 ए0 पी0) पार्टी पार्टी के उद्देश्य व विचारधारा

प्रत्येक सांसद पद के दावेदार का स्नातक होना अनिवार्य कराया जायगा।

सांसद के लिए उम्मीदवार केवल क्षेत्रीय हो सकेगा दूसरे प्रदेश का उम्मीदवार किसी दूसरे प्रदेश में दावेदारी नहीं पेश कर सकेगा।

सांसद या कोई मंत्री केवल एक ही मंत्रालय का पदभार रख सकेगा।

भारत में उप प्रधानमंत्री बनना अनिवार्य कराया जायेगा वर्तमान प्रधानमंत्री के विदेश जाने पर समस्त प्रधानमंत्री के चार्ज उप प्रधानमंत्री के के पास उपलब्ध करवाए जाएंगे।

भारत में मंत्रालयों की संख्या प्रत्येक विषय क्षेत्र पर एक एक निर्धारित की जायेगी।

थर्ड जेंडर के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया जायेगा जिसका मंत्री उसी समुदाय से हो सकेगा।

लगातार 10 वर्षों से अधिक मंत्रालय की जिम्मेवारी पर प्रतिबंध लगाया जायेगा कोई भी संासद 2 बार से अधिक प्रधानमंत्री नहीं बन सकेगा।

भारत के प्रधानमंत्री के पास 3 से अधिक मंत्रालय होने पर प्रतिबंध लगाया जायेगा।

भारत में चुनाव आयोग की शक्तियों को बढ़ाया जायेगा व चुनाव आयोग के लिए प्रत्येक प्रदेश में अलग से न्यायालय का गठन करवाया जायेगा।

किसी भी मंत्री का इस्तीफा जनता के मत के अनुसार ही स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकेगा।

भारत में राज्यों की संख्या क्षेत्रफल के अनुसार बड़वाई जायेगी।

यदि समाज के हित में बात कुशलता टैलेन्ट की होगी तो आरक्षण को खत्म किया जायेगा।

मंत्रियों के मंत्रालयों का वितरण प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के द्वारा नहीं किया जा सकेगा मंत्रालय से संबंधित संवैधानिक नियम व शतों के अनुसार भारत के न्यायाधीशों के द्वारा खुला साक्षात्कार के द्वारा ही मंत्रालय निर्धारित किया जा सकेगा।

न्यायालय के फैसले के बाद किसी भी मंत्री को नया अध्यादेश पारित कराने का अधिकार समाप्त करवाया जायेगा।

राष्ट्रपति के द्वारा मंत्रियों के शपथ समारोह में अपने खुद के माता-पिता व परिवार की शपथ लेना अनिवार्य कराया जायेगा।

भारत के किसी भी प्रदेश में नई सरकार बनने पर नए राज्यपाल की नियुक्ति नही की जा सकेगी जबकि एक ही राज्यपाल दो सरकारों में ढाई ढाई सालों का नेतृत्व करेगा।

यदि कोई मंत्री व सांसद सदन में अनुपस्थिति है तेा उसके बहुमत खारिज करवाया जायेगा।

प्रदेश के शासनिक अधिकारी जैसे आई0जी0डी0 आई जी0 डीजीपी समाज हित हेतु निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री के द्वारा बाध्य नहीं होगें जबकि राज्यपाल का निर्णय सर्वमान्य होागा। शर्ते लागू।

एक ही व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नहीं नियुक्त किया जा सकेगा।

प्रदेश के एनजीाओ नान गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन जो सरकार से मानदे पा रहे हैं और पिछले 10 वर्षों से सक्रिय है का पदेन अध्यक्ष राज्यपाल होागा।

मुख्यमंत्री के पद की समाप्ति होने पर पेंशन योजना को छोड़कर सरकार की ओर से सभी प्रमुख सुविधाओं को समाप्त करवा दिया जायेगा।

भारत के संविधान में मूल अधिकारों में से सम्पत्ति के अधिकार को खत्म करवा दिया जायेगा।

गोपनियता को भंग करने वाले राष्ट्रपति के द्वारा दी गई शपथ का उल्लंघन करने वाले मंत्रियों की सदस्यता को निरस्त व आजीवन चुनाव न लड़ने का अधिकार समाप्त करवा दिया जायगा।

धर्म जाति समुदाय के आधार पर संपूर्ण भारत में खोली जा रही अदालतों की समाप्ति करवा दी जायेगी।

सम्पूर्ण भारत के शिक्षण में कक्षा छह से लगातार 12 तक संपूर्ण संविधान की शिक्षा अनिवार्य करवाई जायेगी।

भारत में मंत्रियों के अधिकार को कम कराते हुए वैज्ञानिकों के अधिकारों को बढ़ाया जाएगा जबकि वैज्ञानिक कार्यों में राजनीतिक दखल बाजी को रूकवा दिया जाएगा।

सम्पूर्ण भारत में कॉपीराइट पेटेंट प्रक्रिया को पूर्णतया निःशुल्क करवा दिया जायेगा।

भारत में कार्य करने वाले एनजीओ नॉन गवर्मेंट ऑर्गेनाइजेशन जिन्होने 25 वर्ष से अधिक समाज हित में काम किया हो के अध्यक्षों को विशेष दर्जा उपलब्ध करवाया जाएगा।

राष्ट्रपति चुनाव हेतु छोटे राज्यों तथा बड़े राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से सभी के वोटों का मत प्रतिशत अधिकार सामान करवाया जाएगा।

राष्ट्रपति के द्वारा नामांकित किए जाने वाले राज्यसभा सदस्यों की संख्या में विषयवार तथा प्रदेश वार की संख्या में बढ़ोतरी करवाई जायेगी।

भारत में एमएलसी विधायक से नीचे होने वाले समस्त प्रकार के चुनाव चुनाव आयोग के द्वारा एक ही साथ करवाए जायेंगे।

भारत के सरकारी वैज्ञानिकों, शिक्षको, व अधिवक्ताओं की पेंशन को अनिवार्य करवाया जाएगा।

सम्पूर्ण भारत के प्रत्येक विधानसभी पर जनहित हेतु मिनी न्यायालय का गठन करवाया जायेगा।

भारत की किसी भी महत्पूर्ण संपत्ति जब तक देश में आपातकाल की स्थिति राष्ट्रपति द्वारा घोषित ना की जाए तब तक संपत्ति को किसी भी विदेश के पास प्रधानमंत्री के द्वारा गिरवी नहीं रखी जा सकेगी।

किसी भी सरकारी कर्मचारी की सेवामुफ्ती की उम्र 60 वर्ष से अधिक नहीं हो सकेगी।

भारत के राज्य में निवास करने वाले अल्पमत संख्या के जाति समुदाय जैसे आदिवासियों थारूओं आदि के लिए अलग से मंत्रालय का गठन करवाया जाएगा।

स्वदेशी कृषि के साथ विदेश नीति समझौते में विशेष बदलाव करवाए जाएंगे। शर्ते लागू भारत के सम्पूर्ण राज्यों में लोकपाल बिल पारित करवाना अनिवार्य करवाया जायेगा।

प्रत्येक राज्य के प्रवक्ता स्पीकर तथा संसद के स्पीकर को राजनीतिक नहीं होने दिया जाएगा जबकि स्पीकर की उपाधि राजनीतिक विज्ञापन में पी0एचडी करने के बाद भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ महत्वपूर्ण परीक्षा पास करने के बाद ही भारत के न्यायाधीशों के द्वारा ही स्पीकर की नियुक्ति की सकेगी।